ताज महल से जुडी हुई कुछ गलत फहमिया और सच्चाई जिन्हें आप जरुर जानना चाहेंगे

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भूत और जिन्न

ताज महल से जुडी हुई कुछ गल्फह्मीया और सच्चाई जिन्हें आप जरुर जानना चाहेंगे, विश्‍व के सात अजूबो में शामिल ताजमहल को कौन नहीं जानता और शयद ही ऐसा होगा जो इस सफ़ेद कारीगरी का कायल ना हो.

ताज महल को लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं रहती हैं, जैसे- शाहजहां ने कारीगरों के हाथ कटवा दिए थे, वो काला ताज महल बनवाना चाहते थे लेकिन इतिहासकार और पुरातत्‍व विभाग (ASI) की मानें तो हकीकत कुछ और ही है।

तो आज हम आपको रूबरू करवाने जा रही है ताजमहल से जुडी गलत फहमीया और सच्चाई से

मिथक: ऐसा कहा गया है कि भूत और जिन्न, ताजमहल को बनने नहीं दे रहे थे ।

सच्चाई: इतिहासकारों के मुताबिक, भूत और जिन्नों द्वारा ताजमाहल की नींव को ध्वस्त करने का कोई भी सबूत नहीं मिला है। यह सिर्फ एक अफवाह है।

ताजमहल का रंग

मिथक: ऐसा माना जाता है कि ताजमहल पुरे दिन रंग बदलता है ।

सच्चाई: सफेद संगमरमर से बने होने के कारण ताज महल पर सूर्य की किरणे सीधी पड़ती है, तो प्रकाश के परावर्तन और अपवर्तन के कारण ताजमहल सुबह में सुनहरा और शाम को गुलाबी दिखता है।

मुमताज का मुर्दा शरीर

मिथक: मुमताज का मुर्दा शरीर ताज महल में दफ़्न है ।

सच्चाई: 17 जून 1631 को बुहरानपुर में मुमताज की मौत हुई। उनका शव पहले बुहारनपुर, फिर निर्माणाधीन ताज महल के परिसर में दफनाया गया। 22 साल बाद मुमताज को तीसरी बार ताज के मुख्य स्मारक में दफनाया गया। ASI के पास ममी का सबूत नहीं है।

ताज महल का नक्शा

मिथक: ख्वाब में देखकर बना था ताज महल का नक्शा।

सच्चाई: इतिहास के मुताबिक, ताज महल की डिजाइन के लिए पूरी दुनिया के वास्तुकारों से मदद ली गई थी लेकिन किसने डिजाइन किया यह नहीं कहा जा सकता है।

काला ताज-महल

मिथक: शाहजंहा, काला ताज महल बनवाना चाहते थे ।

सच्चाई: इतिहासकार और पुरातत्‍व विभाग के मुताबिक, काला ताज महल कभी अस्तित्व में भी नहीं था और न ही इसके निर्माण की योजना के सबूत मिले है गाइडों ने 1910 से काला ताज महल की कहानी गढ़ी।

शिव मन्दिर

मिथक: ताज महल शिव मन्दिर है।

सच्चाई: इतिहासकार और पुरातत्‍व विभाग ने आगरा कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा की ताज महल का निर्माण शाहजंहा ने कराया था। इसके हिन्दू मन्दिर का कोई भी सबूत नहीं मिला है।

चांदनी रात

मिथक: ताज महल चांदनी रात में चमकता है ।

सच्चाई: ताज महल में पूरी दुनिया से तरासे गए 28 तरह के पत्थर लगे है। कई पत्थरों की खासियत है कि यह चाँद की रौशनी में चमकते है। शरद पूर्णिमा के दौरान पत्थरों के चमकने से ताज महल खूबसूरत लगता है।

कब्र पर टपकता पानी

मिथक: ऐसा माना और देखा गया है कि शाहजंहा और मुमताज की कब्र पर टपकता है पानी।

सच्चाई: उर्स के दौरान ताज महल में बहुत भीड़ होती है। ऐसे में ह्यूमिडिटी बढ़ जाती है। दीवार पर पानी की बुँदे आ जाती है। भीड़ खत्म होने पर बुँदे गायब हो जाती है।

कारीगरों के हाथ

मिथक: शाहजंहा ने ताज महल को बनाने वाले 20 हजार कारीगरों के हाथ कटवा दिए थे।

सच्चाई: इतिहासकारों के मुताबिक, शाहजंहा ने कारीगरों से आजीवन काम न करने का वादा लिया था। इसके बदले में उन्हें जिंदगी भर वेतन दिया।

शाहजंहा की मौत

मिथक: मुमताज की मौत के शोक में हुई थी शाहजंहा की मौत।

सच्चाई: शाहजंहा की मौत की अफवाह के बाद उनके बेटो में युद्ध हुआ। औरंगजेब जीत गया और शाहजंहा को बन्दी बना लिया। बीमारी के चलते 74 साल में उसकी मौत हो गई।

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